WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

RPSC New Exam Rules Update 2023: परीक्षाओं के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव

RPSC New Exam Rules Update 2023 राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से अपने भर्ती परीक्षा नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ये बदलाव आगामी आरपीएससी भर्ती परीक्षाओं में प्रभावी होने वाले हैं। आइए इन परिवर्तनों पर करीब से नज़र डालें और समझें कि इनका उम्मीदवारों और परीक्षा प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

RPSC New Exam Rules Update 2023 :- राजस्थान राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही पेपर लीक तथा ओएमआर को बाद में भरवाने की घटनाओं को मध्य नजर रखते हुए राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन ने विद्यार्थियों के हित में एक नया बदलाव किया है जिससे ओएमआर को बाद में भरने जैसी घटना से निजात पाई जा सके l आरपीएससी द्वारा बदले गए नियमों RPSC New Exam Rules Update से संबंधित संपूर्ण जानकारी हमारी इस पोस्ट में नीचे दर्शाई गई है कृपया पोस्ट को पूरा पढ़ें।

RPSC New Exam Rules Update 2023
RPSC New Exam Rules Update 2023

RPSC New Exam Rules Update 2023

RPSC New Exam Rules Update 2023 के तहत निम्नलिखित बड़े बदलाव किए जायेंगे –

अब परीक्षा में 4 की जगह होंगे 5 विकल्प Increased Options in Objective Type Questions

अभी वर्तमान में, आरपीएससी परीक्षाओं में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न होते थे, जिनमें से प्रत्येक में चार उत्तर विकल्प होते थे। हालाकि, नए बदलाव में एक अतिरिक्त विकल्प दिया जायेगा, जिससे प्रति प्रश्न कुल पाँच विकल्प हो जाएंगे। पांचवां विकल्प उम्मीदवारों को यह इंगित करने की अनुमति देगा कि वे प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते हैं। इस समायोजन का उद्देश्य गलत उत्तरों के लिए नकारात्मक अंकन की संभावना को कम करना है।

प्रशन खाली छोड़ने पर काटेे जायेगें नम्बर।

अब आप सोच रहे होंगे कि अगर किसी सवाल का जवाब आता ही नहीं और फिर भी अनिवार्यता के चलते किसी ऑप्शन पर टिक कर दिया और जवाब गलत हुआ तो निगेटिव मार्किंग का भी तो डर है? लेकिन घबराइए मत ऐसा नहीं होगा।

प्रत्येक प्रश्न को हल करना अनिवार्य होगा । दरअसल, अब तक एग्जाम में किसी भी सवाल के जवाब में 4 ऑप्शन दिए जाते थे, लेकिन अब 5 ऑप्शन मिलेंगे। पांचवां ऑप्शन होगा- सवाल हल नहीं करने की सहमति। अगर कैंडिडेट को किसी भी सवाल का जवाब नहीं आता तो वो ये पांचवां ऑप्शन सिलेक्ट कर सकेगा।

और अगर फिर भी आप पांचों विकल्पों में से किसी भी चयन नही करते है, तो आपके नम्बर काटे जायेंगे। इसलिए आपको अगर कोई प्रश्न नहीं आ रहा हो तो भी आप पांचवा विकल्प चुनेंगे।

नेगेटिव मार्किंग के डर को कम करना Mitigating the Fear of Negative Marking

नकारात्मक अंकन के डर ने अक्सर उम्मीदवारों को उन प्रश्नों को हल करने से परेशान किया है जिनके बारे में वे अनिश्चित हैं। नए नियम के लागू होने से, उम्मीदवार अब पांचवें विकल्प का चयन कर सकते हैं यदि वे सही उत्तर के बारे में अनिश्चित हैं या प्रश्न का उत्तर नहीं देने का विकल्प चुनते हैं। यह दृष्टिकोण उम्मीदवारों को सुरक्षा जाल प्रदान करता है, जिससे उनके कुल अंकों पर नकारात्मक अंकन का प्रभाव कम हो जाता है।

OMR हेर फेर की रोकथाम Bid Farewell to OMR Manipulation

नए बदलाव ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन) शीट से छेड़छाड़ की समस्या का भी समाधान करते हैं। उम्मीदवारों को हेरफेर करने या जानबूझकर प्रश्नों को अनुत्तरित छोड़ने से रोकने के लिए, आरपीएससी ने सख्त नियम लागू किए हैं। परीक्षा पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे उन अभ्यर्थियों पर कड़ी नजर रखें जो ओएमआर शीट पूरी तरह से खाली छोड़ देते हैं। यदि ऐसे मामलों की पहचान की जाती है, तो आरपीएससी उचित कार्रवाई करेगा।

RPSC ने ये बदलाव क्यों किए है?

अभी के पिछले कुछ सालों में पेपर लीक, ओएमआर सीट का खाली छोड़ना, किसी भी प्रकार से चीटिंग करना परीक्षा में आदि ऐसे कारण है जिनसे RPSC को बदलाव करने पड़े अपने परीक्षा नियमों में। इससे मेहनत करने वाले छात्रों को बड़ी राहत की उम्मीद है आइए जानते है ऐसे हि कुछ Case के बारे में जो पिछले कुछ सालों में घटित हुए ये जिनकी वजह से RPSC ने नए नियम बनाए —

केस 1: ओएमआर शीट हेर फेर के माध्यम से पास की सुविधाPass Facilitation through OMR Sheet Manipulation

अभी पिछले कुछ सालों में, ऐसे मामले सामने आए हैं जहां व्यक्तियों ने कथित तौर पर रिश्वत के बदले में उम्मीदवारों की ओएमआर शीट पर सही उत्तर भरकर उन्हें उत्तीर्ण होने में मदद की। ये फर्जी गतिविधियां परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता को कमजोर करती हैं। नए उपायों से ऐसी चालाकी पूर्ण प्रथाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है। यानी की परीक्षा मै पास होने के लिए कुछ लोग इस हद तक चले जाते है की वो कुछ भी कर सकते है।

केस 2: ग़लत उत्तर भरना असफलता का कारण बनता है

ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां कुछ व्यक्तियों ने कथित तौर पर अन्य उम्मीदवारों की ओएमआर शीट में गलत उत्तर भर दिए, जिससे वे असफल हो गए। नई प्रणाली का उद्देश्य ऐसी धोखाधड़ी प्रथाओं को कम करना और उम्मीदवारों के ज्ञान और क्षमताओं का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना है।

केस 3: सक्रिय समूह या नकल गिरोह ओएमआर शीट हेर फेर के माध्यम से पास की सुविधा प्रदान करता है

अभी पिछले कुछ सालों में, सक्रिय समूह या नकल गिरोह कथित तौर पर ओएमआर शीट में हेर फेर के माध्यम से उम्मीदवारों को परीक्षा उत्तीर्ण करने में मदद करने के लिए काम कर रहे थे। ये समूह उम्मीदवारों की उत्तीर्णता सुनिश्चित करने के लिए उनके सही उत्तर भरेंगे। नए उपाय ऐसी प्रथाओं को उजागर करने और उन पर अंकुश लगाने, सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

परीक्षा में सुधार के लिए भविष्य की योजनाएँ

आरपीएससी निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए कई योजनाएँ बनाई गई हैं:

JOIN my telegram channeljoin
join my whatsapp groupjoin
  • एक बार सत्यापन: एक बार सत्यापन प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है, जिससे उम्मीदवारों को interview या परामर्श सत्र के दौरान दस्तावेजों को बार-बार सत्यापित करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
  • साक्षात्कार में ऑन-स्क्रीन मार्किंग: मूल्यांकन प्रक्रिया में ऑन-स्क्रीन मार्किंग की सफलता के आधार पर, आरपीएससी साक्षात्कार में भी इस दृष्टिकोण को लागू करने की योजना बना रहा है। इससे साक्षात्कार मूल्यांकन प्रक्रिया की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
  • ऑनलाइन विशेषज्ञ पैनल प्रणाली: आरपीएससी एक ऑनलाइन विशेषज्ञ पैनल प्रणाली स्थापित करने पर काम कर रहा है, जिसमें विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे जो प्रश्न सेटिंग, पाठ्यक्रम तैयारी और साक्षात्कार संचालन में सहायता करेंगे। इस प्रणाली का लक्ष्य परीक्षा सामग्री की उच्चतम गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
  • प्रश्न बैंक विकास: प्रश्न बैंक बनाने के लिए विषय-विशिष्ट कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी, जिनका उपयोग विभिन्न परीक्षाओं में किया जाएगा। इस पहल से प्रश्न पत्र तैयार करने में लगने वाला समय कम हो जाएगा।
  • परीक्षा केंद्र प्रबंधन: परीक्षा केंद्रों की निगरानी और प्रबंधन सीधे आरपीएससी और जिला कलेक्टरों द्वारा किया जाएगा। यह केंद्रीकरण सभी उम्मीदवारों और परीक्षा केंद्रों का एक व्यापक डेटाबेस सुनिश्चित करेगा।
  • बायोमैट्रिक एक्सेस कंट्रोल सिस्टम : परीक्षा केंद्रों पर, उम्मीदवारों को केवल आंखों या अंगूठे के निशान के साथ बायोमैट्रिक एक्सेस कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से ही अनुमति दी जाएगी। इस प्रक्रिया से अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही आयोग की परीक्षा प्रणाली के संबंध में विश्वास और बढ़ेगा।

एग्जाम में इन बदलावों को लेकर भी चल रही प्लानिंग

खत्म हो जाएगा ओएमआर शीट से छेड़छाड़ का खतरा

  • वर्तमान में है ये व्यवस्था : RPSC की ओर से वर्तमान में आयोजित किए जाने वाली भर्ती परीक्षाओं में पूछे जाने वाले आब्जेक्टिव टाइप सवालों में चार ऑप्शन होते हैं। इन चारों ऑप्शन में से कैंडिडेट्स को एक ऑपशन चुनना होता है। जब कोई कैंडिडेट प्रश्नों का जवाब नहीं देना चाहता या गलत जवाब की आशंका होती है तो उसे वह खाली छोड़ देता है। क्योंकि गलत जवाब पर निगेटिव मार्किंग होती है।
  • इसलिए बदलाव की जरूरत : आरपीएससी प्रशासन की ओर से ये बदलाव इसलिए किया जा रहा है ताकि खाली छोड़े गए सवाल जवाब को किसी भी स्तर पर भरने की आशंका पूरी तरह खत्म की जा सके। नए नियम के बाद अभ्यर्थी किसी भी सवाल को खाली नहीं छोड़ पाएंगे। ऐसे में ओएमआरशीट में बाद में किसी भी तरह के बदलाव या छोड़े गए सवालों के जवाब भरने की आशंका खत्म हो जाएगी।

कई भर्तियों में आरपीएससी विवादों में रही है। ऐसे में बदलावों के जरिए अब दाग मिटाने की कोशिश की जा रही है।

समझिए ओएमआर शीट से कैसे होता है फर्जीवाड़ा

केस 1 : ओएमआर शीट में सही जवाब भरकर पास कराने के लिए मांगी घूस

जुलाई में ईओ भर्ती परीक्षा में पास करवाने एवं ओएमआर शीट बदलवाने के नाम पर 18.50 लाख रुपए रिश्वत लेते कांग्रेस नेता एवं राज्य घूमंतु जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष (दर्जा राज्य मंत्री) गोपाल केसावत को गिरफ्तार किया था। उसकी आरपीएससी में इतनी ऊपर तक पहुंच थी कि वो वो अभ्यर्थियों को उनकी ओएमआर शीट भेजकर पहले ही बता देता था कि तुम्हें इतने नंबर मिल रहे हैं। इतना ही नहीं केसावत व अन्य दलाल पैसों के एवज में ओएमआर शीट में सही जवाब भरकर पास कराने का दावा भी करते थे।

केस 2 : दूसरे अभ्यर्थियों को फेल कराने के लिए ओएमआर में भरे गलत जवाब

दो साल पहले स्थानीय निकाय विभाग (डीएलबी) की सहायक नगर नियोजक (एटीपी) व सीनियर ड्राफ्टमैन के लिए भर्ती परीक्षा में भी ओएमआर शीट से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। जिसमें चहेतों के चयन के लिए परीक्षा के बाद दूसरे अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में गलत जवाब भर दिए गए थे। उस समय एटीपी की परीक्षा देने वाले अलवर के अरूण कुमार यादव ने बताया था कि उसने कुल 120 में से 77 प्रश्नों के जवाब दिए। जब आंसरशीट अपलोड की गई तो इसमें 21 उत्तर बढ़े हुए थे, यानी उत्तर की संख्या 98 हो गई। बढ़ाए गए उत्तर में से अधिकांश जवाब गलत थे। इससे माइनस मार्किंग हो गई।

केस 3 : ओएमआर शीट भरकर पास कराने वाला गिरोह था सक्रिय

करीब 9 साल पहले एसओजी को सूचना मिली थी कि ओएमआर शीट में गोले भरकर अभ्यर्थियों को पास कराने वाला गिरोह सक्रिय है। इस दौरान हुई सीनियर टीचर ग्रेड सैकंड प्रतियोगी परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों से पास कराने का झांसा देकर वरिष्ठ लिपिक प्रकाश पारचा व आरपीएससी के कुछ अन्य कर्मचारियों ने मोटी राशि वसूली। गिरोह स्कैनिंग कमेटी और ऑपरेटरों से मिलीभगत कर मूल ओएमआर शीट में खाली छोड़े गए प्रश्नों के उत्तर के गोले भर अभ्यर्थियों को पास करवाता था। एसओजी ने आरपीएससी के विधि विभाग में वरिष्ठ लिपिक प्रकाश पारचा के घर छापा मारा। वरिष्ठ लिपिक के घर से ओएमआर शीट की नौ कार्बन कॉपियां बरामद कीं।

OMR शीट खाली छोड़ने पर रखी थी नजर

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2022 तक हुई प्राध्यापक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2022 के दौरान ओएमआर शीट खाली छोड़ने वाले कैंडिडेट्स पर निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केन्द्र पर वीक्षक को निर्देश दिए गए कि वे इसका विशेष ध्यान रखेंगे कि कौनसे परीक्षार्थियों ने ओएमआर शीट पूरी खाली छोड़ी है। अगर ऐसा कहीं है तो वीक्षक को ओएमआर शीट खाली छोड़ने का उल्लेख करते हुए हस्ताक्षर करने व केंद्राधीक्षकों को ऐसे अभ्यर्थियों की सूची अलग से तैयार कर आयोग को भेजने के निर्देश दिए थे।

Conclusion

अपनी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, निष्पक्षता और अखंडता को बढ़ाने के लिए आरपीएससी के प्रयास सराहनीय हैं। अतिरिक्त विकल्पों की शुरूआत, सख्त ओएमआर शीट निगरानी और कई अन्य उपाय सही दिशा में उठाए गए कदम हैं। ये बदलाव न केवल उम्मीदवारों को अधिक विकल्प और आत्मविश्वास प्रदान करेंगे बल्कि साख को भी मजबूत करेंगे आरपीएससी की चयन प्रक्रिया की योग्यता. चूंकि आगामी परीक्षाएं इन परिवर्तनों को अपनाती हैं, इसलिए उम्मीदवार अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत परीक्षा अनुभव की आशा कर सकते हैं।

JOIN my telegram channeljoin
join my whatsapp groupjoin

Leave a Comment